Prevent men’s violence against women

व्हाइट रिबन ऑस्ट्रेलिया (हिंदी) – Facts about White Ribbon Australia – Hindi

व्हाइट रिबन ऑस्ट्रेलिया के बारे में

व्हाइट रिबन पुरुषों और लड़कों का दुनिया का सबसे बड़ा अभियान है। यह महिलाओं तथा लड़कियों के प्रति पुरुषों की हिंसा को समाप्त करने, लिंग भेद दूर करने तथा पुरुषत्व की नयी परिभाषा कायम करने के लिए कार्य कर रहा है।

इस विश्वव्यापी अभियान के जरिए व्हाइट रिबन चाहता है कि देशकी सभी स्त्रियाँ हिंसा तथा दुर्व्यवहार से मुक्त रहें , सुरक्षित रहें। हम प्राथमिक रोकथामपर लक्ष केंद्रित करते हैं, अर्थात शुरू होनेसे पहले ही हिंसा को रोकने का प्रयास करना।

शिक्षा, जागरूकता बढ़ाना , हिंसा रोकनेके लिए रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करना आदि माध्यामोंके द्वारा हम पुरुषोंको इस सामाजिक अभियान का हिस्सा बनाना चाहते हैं। पुरुषोंकी सकारात्मक भूमिका को बढ़ावा देना चाहते हैं।

हमारी परिकल्पना
एक ऐसा राष्ट्र हो जहाँ स्त्रियोंका सम्मान हो, जहाँ हर स्त्री सभी प्रकारकी हिंसा से मुक्त हो, सुरक्षित हो ।

हमारा उद्देश्य
स्त्रियोंकी सुरक्षाके इस अभियानमें पुरुषोंको शामिल करना।

स्त्रियोंके प्रति होनेवाली हिंसाके ख़िलाफ़ पुरुषों का पुरुषों से बात करना समाज में परिवर्तन ला सकता है।

स्त्रियोंके प्रति हिंसा

स्त्रियोंके प्रति पुरुषों की हिंसा तथा दुर्व्यवहार सभी समुदायों में होता है। यह किसी एक संस्कृति तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्रके अनुसार इसकी परिभाषा हैं “लिंग-आधारित हिंसा का कोई भी ऐसा कार्य जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं को शारीरिक, लैंगिक या मानसिक पीड़ा होती हो या होने की संभावना हो ।” इसमें ईर्ष्या, अधिकार की भावना, नीचा दिखाना और धमकियाँ देना आदि शामिल हैं। किसीभी प्रकारकी हिंसा कभी बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए।

घरेलू तथा पारिवारिक हिंसा महिलाओं के खिलाफ हिंसा का एक रूप है। इसे सामाजिक समस्या माननेकी बजाय अक्सर “निजी पारिवारिक मामला” माना जाता है। यदि आपको या आपके परिचित किसी स्त्रीको को हिंसा तथा दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, तो उसके खिलाफ आवाज़ उठाना आवश्यक है।

एक साथी, रिश्तेदार, मित्र या एक अजनबीभी हिंसा करनेवाला अपराधी हो सकता है। परन्तु सामान्यतः महिला की तरफ हिंसा तथा दुर्व्यवहार उसके परिचित पुरुष द्वारा ही किया जाता है।

हिंसा और दुर्व्यवहार के प्रकार

हिंसा और दुर्व्यवहार के सभी रूप अस्वीकार्य हैं। चाहे वह खुले आम हिंसा, छुपा दुर्व्यवहार या किसीको अपने काबूमें रखना, कुछ भी हो।

शारीरिक, लैंगिक, दिनरात पीछा करना आदि प्रकार की हिंसा दिखाई देती हैं। परन्तु भावनात्मक, मौखिक, वित्तीय, सामाजिक, आध्यात्मिक और टेक्नोलोजी के जरिये किये जानेवाली हिंसा आसानी से दिखाई नहीं देती, छुपाई जा सकती हैं । कई बार यह मित्रों या परिवार के सदस्यों से भी छुप सकती हैं।

अधिक जानकारी

कहाँ से सहायता प्राप्त करें

तत्काल मदद के लिए पुलिसको 000 पर फ़ोन करें।

यदि आप या आपके किसी परिचित व्यक्ति को हिंसा और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, तो सहायता उपलब्ध है। यदि आपके कोई प्रश्न हैं या आपको सलाह की आवश्यकता है, तो इन नंबरोंमें से किसी को भी फ़ोन करें।

1800RESPECT

1800 737 732

घरेलू या पारिवारिक हिंससे पीड़ित अथवा इसकी जोखिम में होनेवाला व्यक्ति इस फ़ोन नंबर पर फ़ोन करके सलाह (काउंसलिंग) प्राप्त कर सकता है। इस लाइन पर कई भाषाओं मे दुभाषिए भी उपलब्ध हैं।

२४ घंटे तथा मुफ़्त फ़ोन करे , नम्बर हैं 1800 737 732

वेबसाइट देखें

लाइफ़लाइन

131 114

लाइफ़लाइन का एक राष्ट्रीय नंबर है जो आपके राज्य में संकटकालीन सेवा से संपर्क करने में आपकी मदद कर सकता है। पूरे देश में कोई भी व्यक्ति, जो व्यक्तिगत संकट का सामना कर रहा है या आत्महत्या के बारे में सोच रहा है, 13 11 14 पर कॉल कर सकता है।

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अनुवाद और दुभाषिया सेवा

131 450

अपनी भाषा में टेलीफोन द्वारा या प्रत्यक्ष दुभाषिये से विनामूल्य बात करें।
131 450 पर तत्काल फोन द्वारा अनुवाद सेवा उपलब्ध है – बारह महिने, हर दिन २४ घंटे।

 

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तथ्य पत्रिका

महिलाओं के खिलाफ पुरुषों की हिंसा को रोकने के बारे में जानकारी देने के साथ व्हाइट रिबन ने विभिन्न भाषाओं में
तथ्य पत्रिकाओंकी एक श्रृंखला प्रकाशित की है। ऑनलाइन देखें, डाउनलोड करें या छाप लें (प्रिंट करें)।

 

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हिंसा का चक्र

हिंसा का चक्र अपराधी के कार्यों के दोहराव की प्रकृति को देखता है। हिंसा सिद्धांत का चक्र दिखाता है कि किस प्रकार एक अपराधी का व्यवहार अत्यंत नाटकीय रूप से बदल सकता है, जिससे महिला का छूटना मुश्किल हो जाता है। जो महिला हिंसा का सामना कर रही है, वह इस चक्र को पहचान सकती हैं।

 

चरण 1: तनाव बढ़ना

रिश्ते में बँधे लोगों के बीच तनाव बढ़ने लगता है। मौखिक, भावनात्मक या वित्तीय दुर्व्यवहार शुरू होता है। दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति का व्यवहार बुरा होता जाता है और विस्फोट के बिंदु तक पहुंच जाता है।

चरण 2: तीव्र विस्फोट

हिंसा अपने चरम पर पहुँच जाती है और दुर्व्यवहार करने वाला तनाव से मुक्त होने का अनुभव करता है। यह भावना एक लत सी बन सकती है। दुर्व्यवहारकर्ता इसी तरह से अपने क्रोध से निपटने का फैसला कर सकता है।

चरण 3: हनीमून

इस बिंदु पर दुर्व्यवहार करनेवाला शर्मिंदगी महसूस करने लगता है और भविष्य मे कभी हिंसक न होने का वादा करता है। वह काम का तनाव या शराब जैसी अन्य चीजोंको दोष देकर हिंसा का समर्थन करता है। पीड़ित व्यक्ति दुखी और उलझन में है, लेकिन उसे इस बातसे राहत मिलती है कि हिंसा समाप्त हो गई है। पीड़ित व्यक्ति को लगता है कि दुर्व्यवहारकर्ता बदल गया है और अब और हिंसा नहीं होगी।

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